UIDAI ने आधार कार्ड के डाटा को लीक होने से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम कर लिया है क्योंकि आपका आधार कार्ड बैंक के साथ जुड़ा हुआ है, आपके मोबाइल नंबर के साथ जुड़ा है और आगे भी अन्य सरकारी व गैर सरकारी सेवाओं के साथ जुड़ने वाला है। यदि आपका आधार नंबर किसी गलत पर्सन को पता चल जाए तो वह आपके बैंक एकाउंट की डिटेल जान सकता है आपके मोबाइल नंबर के बारे में जान सकता है यानि आपके आधार कार्ड के साथ जितनी भी सेवाएं लिंक है उनके बारे में पता लगाया जा सकता है जिससे आपके आधार के डाटा को चोरी करके आपको नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
इसलिए सरकार ने आधार कार्ड के डाटा को सुरक्षित रखने के लिए वर्चुअल आईडी जनरेट करने की प्रक्रिया अपनाएगी, जिससे आपको कहीं पर भी Aadhar Card की डिटेल नहीं देनी पड़ेगी, केवल आधार कार्ड से जनरेट 16 अंको की Aadhaar Virtual ID से आपके सभी काम निपट जायेगें। इससे आपका Aadhaar Number और भी सुरक्षित हो जाएगा। यूआईडीएआई के मुताबिक यह सुविधा 1 मार्च 2018 से लागू की जाएगी और 1 जून 2018 से अनिवार्य किया जायेगा।

 

 

Generate Aadhar Virtual ID, Virtual ID

 

Aadhaar Virtual ID क्या है?

# Aadhaar Virtual ID आपके Aadhar Card के लिए सेफ गार्ड का काम करेगी जिससे आपका आधार सुरक्षित रहेगा।
# यह 16 अंको की होगी और इसको आप UIDAI की वेबसाइट पर जनरेट कर सकेंगे।
# इस Virtual ID से कोई दूसरा आपका आधार नंबर पता नहीं कर सकेगा।
#एक टाइम में एक आधार नंबर के लिए सिर्फ एक ही एक्टिव आईडी होगी।

#इसको आप कितनी भी बार बदल सकते हैं, दूसरी आईडी क्रिएट होते ही पहली आईडी ख़त्म हो जाएगी।
#Virtual ID को वही जनरेट कर पायेगा जिसके पास आधार नंबर है।
जानकारों का मानना है कि वर्चुअल आईडी के आने से आधार नंबर ज्यादा सुरक्षित रहेगा क्योंकि किसी भी वर्चुअल आईडी से आपके आधार नंबर का पता नहीं लगाया जा सकेगा। अलग-अलग वेरिफिकेशन के लिए आधार से उतनी ही डिटेल ली जा सकेगी जितनी की उस सर्विस के लिए जरुरत होगी।