जानें क्या होंगे वर्चुअल आईडी के फायदे और कैसे करें इस्तेमाल

आज कल सभी सुविधाओं को लेने के लिए आधार की जरुरत होती है जैसे कि बैंक में अकाउंट खुलवाने, नये सिम कार्ड लेने के लिए, नये गैस कनेक्शन के लिए, स्कूलों में बच्चों के एडमिशन के लिए आधार की जरुरत पड़ने लगी है। मीडिया में डेटा लीक के मामले आने से आधार की सिक्योरिटी को लेकर चिंता होना भी स्वाभाविक है। लेकिन अब किसी कार्य के लिए आधार का इस्तेमाल करते है तो प्राइवेसी की चिंता करने की जरुरत नहीं है।
आधार की प्राइवेसी को लेकर लोगों की चिंता को देखते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने वर्चुअल आईडी का बीटा वर्जन जारी कर दिया है। लोगों के आधार की निजता संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए यूआईडीएआई ने जनवरी 2018 में वर्चुअल आईडी लाने की घोषणा की थी। आधार डेटा सुरक्षित रखने के लिए UIDAI ने लॉन्च की Virtual ID, वर्चुअल आईडी के बारे में UIDAI पहले ही कह चुका है कि आधार के सत्यापन के उद्देश्य से सभी कम्पनीज 1 जून, 2018 से आधार नंबर के स्थान पर sixteen अंकों वाली वर्चुअल आईडी को स्वीकार करना अनिवार्य होगा।
अब लोगों को कई सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए aadhar number नहीं देना पड़ेगा। इसके लिए लोगों को अपनी एक वर्चुअल आईडी बनानी होगी। इससे सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि लोगों को बार-बार अपना आधार नंबर दूसरे लोगों के सामने उजागर नहीं करना पड़ेगा। लेकिन क्या आपको पता है कि आधार वर्चुअल आईडी क्या होती है? वर्चुअल आईडी का फायदा क्या होगा। लोग इसका इस्तेमाल कैसे कर पायेगें और कैसे और कहाँ से नई आईडी जेनरेट होगी, इन तमाम सवालों के जवाब हम आपको बताएंगे।

आधार वर्चुअल आईडी क्या है?

आधार वर्चुअल आईडी एक तरह का अस्थायी नंबर है। अगर किसी को कहीं अपने आधार की डिटेल देनी है तो वह आधार की जगह आधार वर्चुअल आईडी नंबर दे सकता है। आधार के सत्यापन के लिए twelve अंकों का अपना आधार नंबर देने की बजाय सिर्फ sixteen अंकों का वर्चुअल आईडी (Virtual ID) नंबर ही बताना होगा। यूआईडीएआई के मुताबिक, जिसके पास आधार कार्ड है वह अपनी वर्चुअल आईडी खुद ही यूआईडीएआई वेबसाइट से जनरेट कर सकेंगे। वीआईडी की वैधता सिर्फ एक दिन के लिए ही होगी। इससे सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि लोगों को बार-बार अपना आधार नंबर दूसरे लोगों को नहीं बताना पड़ेगा। जून, 2018 से आधार नंबर के स्थान पर sixteen अंकों वाली वर्चुअल आईडी को स्वीकार करना अनिवार्य हो जायेगा।

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वर्चुअल आईडी के फायदे क्या होंगे?

० वर्चुअल आईडी की मदद से अपने original aadhar range को गुप्त रख पायेगें।
० जिसके साथ वर्चुअल आईडी को शेयर करगें वह सिर्फ आपका नाम, पता और फोटोग्राफ को ही उस वर्चुअल आईडी से देख पायेगें।
० कोई भी यूजर जितनी चाहे, उतनी वर्चुअल आईडी जनरेट कर सकेगा।
० नई आईडी जनरेट होते ही पुरानी आईडी अपने आप निरस्त हो जाएगी।
० अधिकृत एजेंसियों को आधार कार्ड धारक की ओर से वर्चुअल आईडी जनरेट करने की अनुमति नहीं होगी।


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आधार वर्चुअल आईडी को कैसे जनरेट करें?

० इसके लिए यूआईडीएआई वेबसाइट के होमपेज पर जाएं। यहाँ पर आपको aadhaar services में सबसे नीचे Virtual ID (VID) Generator का ऑप्शन मिलेगा, इस पर क्लिक करें। Virtual ID (VID) Generator पर क्लिक करने के बाद , एक नया पेज ओपन होगा।

Virtual ID (VID) Generator
० अपना आधार नंबर डालें फिर Security Code डालें और सेंड OTP पर क्लिक कर दें।
० आधार में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP मिल जाएगा।
० OTP डालने के बाद आपको नई वीआईडी जनरेट करने का ऑप्शन मिल जाएगा।
० जब यह जनरेट हो जाएगी तो आपके मोबाइल पर आपकी वर्चुअल आईडी भेज दी जाएगी। यानी sixteen अंकों का नंबर आ जाएगा। वर्चुअल आईडीको फिर से प्राप्त करने के लिए या रिट्रीव करने का एक ऑप्शन भी रहेगा।